वित्तमंत्री अरुण जेटली ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के न्यू इंडिया का बजट 2018 किया पेश - Asli Azadi Hindi News paper of Union territory of daman-diu & Dara nagar haveli Asli Azadi Hindi News paper of Union territory of daman-diu & Dara nagar haveli
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  •         Monday, October 22, 2018
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  • संपादक : विजय भट्ट सह संपादक : संजय सिंह । सीताराम बिंद
  • वित्तमंत्री अरुण जेटली ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के न्यू इंडिया का बजट 2018 किया पेश
    नई दिल्ली (ईएमएस)। केंद्रीय वित्­त और कॉरपोरेट मामले मंत्री अरुण जेटली ने आज संसद में आम बजट 2018-19 पेश करते हुए कहा कि सरकार विनिर्माण सेवाओं और निर्यातों के क्षेत्र में आठ प्रतिशत से अधिक की आर्थिक विकास दर प्राप्­त करने के प्रति वचनबद्ध है। 2017-18 की दूसरी तिमाही में सकल घरेलू उत्­पाद की 6.3 प्रतिशत की वृद्धि दर ने अर्थव्­यवस्­था में महत्­वपूर्ण बदलाव आने के संकेत दिए थे। वित्­त वर्ष की दूसरी छमाही में सकल घरेलू उत्­पाद में 7.2 प्रतिशत से 7.5 प्रतिशत की दर से वृद्धि होने की आशा है। वित्­त मंत्री ने कहा कि भारतीय समाज और अर्थव्­यवस्­था ने बुनियादी सुधारों के साथ उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। उन्­होंने कहा कि अंतरराष्­ट्रीय मुद्राकोष ने हाल की अपनी रिपोर्ट में अनुमान लगाया है कि आगामी वर्ष के दौरान भारत की विकास दर 7.4 प्रतिशत होगी। उन्होंने कहा कि देश आठ प्रतिशत से अधिक की उच्­च विकास दर को प्राप्­त करने के पथ पर मजबूती से आगे बढ़ रहा है। विनिर्माण क्षेत्र में भी विकास तीव्रता के साथ आगे बढ़ते हुए आठ प्रतिशत से अधिक की उच्­च दर से वृद्धि कर रहा है। वर्ष 2017-18 में निर्यात में 15 प्रतिशत की दर से वृद्धि होने का अनुमान है।
    श्री जेटली ने कहा कि चार वर्ष पूर्व सरकार ने भारत के लोगों को एक ईमानदार, स्­वच्­छ और पारदर्शी सरकार देने का वचन दिया था और एक ऐसे नेतृत्­व का वादा किया था जो कठिन निर्णयों को कम करने में और भारत की अर्थव्यवस्­था में विश्­वास को बहाल करने में सक्षम हो। श्री जेटली ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्­द्र मोदी के नेतृत्­व में सरकार ने अनेक बुनियादी संरचनात्­मक सुधारों को न सिर्फ कार्यान्वित किया बल्कि देश में गरीबी को कम करने, आधारभूत सुविधाओं के सृजन में गति लाने और एक मजबूत आत्­मविश्­वास से परिपूर्ण नवभारत देना का वचन दिया।
    वित्­त मंत्री ने कहा कि सरकार ने देश के किसानों, गरीब वर्ग के लोगों और समाज के अन्­य तबकों के संरचनात्­मक बदलाव एवं अर्थव्­यवस्­था की उच्­च विकास दर के लाभ को उन तक पहुंचाने तथा देश के अल्­प विकसित क्षेत्रों के उत्­थान के लिए अनेक कार्यक्रमों का शुभारंभ किया है। उन्­होंने कहा कि इस वर्ष के बजट में विशेषकर कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्­था को मजबूत बनाने, आर्थिक दृष्टि से कम सुविधा प्राप्­त वर्ग के लोगों को उत्तम स्­वास्­थ्­य सेवाएं उपलब्­ध कराने, वरिष्­ठ नागरिकों के हितों की रक्षा करने, आधारभूत सुविधाओं के सृजन तथा देश में शिक्षा की गुणवत्­ता में सुधार के लिए अधिक संसाधन उपलब्­ध कराने के लिए राज्­यों के साथ मिलकर कार्य करने पर विशेष रूप से जोर दिया है। वित्­त मंत्री ने कहा कि सरकार ने वैद्य लाभार्थियों तक सीधे लाभ पहुंचाने को भी सुनिश्चित किया। उन्­होंने कहा कि भारत का प्रत्­यक्ष लाभ हस्­तांतरण तंत्र विश्­व का एक सबसे बड़ा संचालन और एक वैश्­विक स्तर पर सफलता की गाथा भी है।
    कृषि और ग्रामीण अर्थव्­यवस्­था : वित्­त मंत्री ने 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने की सरकार की वचनबद्धता का उल्­लेख करते हुए अनेक नई योजनाओं और उपायों की घोषणा की। उन्­होंने कहा कि सरकार ने आगामी खरीफ से सभी अघोषित फसलों का न्­यूनतम समर्थन मूल्­य उत्­पादन लागत के कम से कम डेढ़ गुणा करने का फैसला किया है। उन्­होंने कहा कि रबी की अधिकांश घोषित फसलों का न्­यूनतम समर्थन मूल्­य लागत से डेढ़ गुणा तय किया जा चुका है। उन्­होंने कहा कि सरकार ने कृषि क्षेत्र के लिए संस्­थागत ऋण की राशि में वर्ष दर वर्ष निरंतर वृद्धि की है और यह राशि वर्ष 2014-15 के 8.5 लाख करोड़ रुपए से बढ़ाकर वर्ष 2017-18 में 10 लाख करोड़ रुपए कर दी गई। वित्­त मंत्री ने वर्ष 2018-19 में इस राशि को 11 लाख करोड़ रुपए करने का प्रस्­ताव दिया। श्री जेटली ने डेयरी उद्योग की आधारभूत सुविधाओं में वित्­त निवेश में सहायता के लिए सूक्ष्­म सिंचाई कोष स्­थापित करने की घोषणा की। वित्­त मंत्री ने मत्­स्­य क्रांति अवसंरचना विकास कोष तथा पशुपालन के लिए आधारभूत सुविधा विकास कोष स्­थापित करने की घो­षणा की। इन दोनों कोषों की कुल स्­थाई निधि 10 हजार करोड़ रुपए होगी। श्री जेटली ने कहा कि ऑपरेशन फ्लड की तर्ज पर ऑपरेशन ग्रीन्­स प्रारंभ करने का सरकार का प्रस्­ताव है। इसके प्रयोजनार्थ 500 करोड़ रुपए की राशि आबंटित की गई। उन्­होंने कहा कि 86 प्रतिशत से ज्­यादा लघु और सीमांत किसानों को सीधे बाजार से जोड़ने के लिए मौजूदा 22 हजार ग्रामीण हाटों को ग्रामीण कृषि बाजारों के रूप में विकसित तथा उन्­नत किया जाएगा। श्री जेटली ने कहा कि 22 हजार ग्रामीण कृषि बाजारों तथा 585 एपीएमसी में कृषि विपणन अवसंरचना के विकास के लिए दो हजार करोड़ रुपए की स्­थाई निधि से एक कृषि बाजार अवसंरचना कोष की स्­थापना की जाएगी।
    शिक्षा, स्­वास्­थ्य और सामाजिक सुरक्षा: वित्­त मंत्री ने कहा कि 2018-19 के लिए स्­वास्­थ्­य शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा पर बजटीय व्­ययों का अनुमान 2017-18 के 1.22 लाख करोड़ रुपए की तुलना में 1.38 लाख करोड़़ रुपए है। शिक्षा के क्षेत्र में वर्ष 2022 तक खेल और कौशल विकास में प्रशिक्षण प्रदान करने के अलावा 50 प्रतिशत से ज्­यादा की अनुसूचित जनजाति आबादी वाले प्रत्­येक ब्­लॉक में एकलव्­य मॉडल आवासीय विद्यालय की स्­थापना की घोषणा की। वित्­त मंत्री ने कहा कि सरकार सामाजिक-आर्थिक जातीय जनगणना के अनुसार वृ­द्धों, विधवाओं, बेसहारा बच्­चों, दिव्­यांगजनों और वंचित लोगों के प्रत्­येक परिवार तक पहुंचने के लिए एक व्­यापक सामाजिक सुरक्षा तथा संरक्षण कार्यक्रम कार्यांवित कर रही है। राष्­ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के लिए वर्ष 2018-19 में 9975 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। वर्ष 2022 तक शिक्षा में आधारभूत सुविधाओं और प्रणालियों को पुन: मजबूत बनाने के लिए अगले चार वर्षों में एक लाख करोड़ रुपए के निवेश का प्रावधान किया गया है।
    प्रधानमंत्री अनुसंधान अध्­येता पहल के तहत श्रेष्­ठ संस्­थानों से हर वर्ष एक हजार उत्­कृष्­ट बीटैक छात्रों की पहचान की जाएगी और उन्­हें आईआईटी, आईआईएससी में पीएचडी करने के लिए सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। वित्­त मंत्री ने 10 करोड़ से अधिक गरीब और कमजोर परिवारों को दायरे में लाने के लिए एक फ्लैगशिप राष्­ट्रीय स्­वास्­थ्­य संरक्षण योजना को प्रारंभ करने की घोषणा की जिसके तहत द्वितीयक और तृतीयक देखभाल अस्­पताल में भर्ती होने के लिए प्रति परिवार पांच लाख रुपए प्रतिवर्ष कवरेज प्रदान की जाएगी। राष्­ट्रीय स्­वास्­थ्­य नीति 2017 की परिकल्­पना के अनुसार 1.5 लाख केंद्र स्­वास्­थ्­य देखभाल प्रणाली को घर तक पहुचाएंगे। इस कार्यक्रम के लिए 1200 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। गंगा स्­वच्­छता के मामले में नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत 16,713 करोड़ रुपए की लागत से कुल 187 परियोजनाओं को स्­वीकृति दी गई है। इनमें से 47 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं और 4465 ग्रामों को खुले मे शौच से मुक्­त घोषित कर दिया है।
    मध्­यम लघु तथा सूक्ष्­म उद्यम एवं रोजगार: मध्­यम लघु तथा सूक्ष्­म उद्यम एवं रोजगार को बढ़ावा देने के लिए बजट में 3794 करोड़ रुपए प्रदान किए गए हैं। अप्रैल 2015 में मुद्रा योजना का शुभारंभ किया गया। जिसके तहत 10.38 करोड़ रुपए के मुद्रा लोन दिए गए। इनमें से 76 प्रतिशत ऋण खाते महिलाओं के जबकि 50 प्रतिशत से ज्­यादा अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्­य पिछड़े वर्ग के हैं। 2018-19 के लिए मुद्रा के अंतर्गत तीन लाख करोड़ रुपए के ऋण का लक्ष्­य रखा गया है।
    रोजगार सृजन: रोजगार सृजन की प्राथमिकता सरकार की नीतियों में प्रमुख रूप से शामिल हैं वित्­त मंत्री ने एक स्­वतंत्र अध्­ययन का उल्­लेख करते हुए कहा कि इस वर्ष 70 लाख औपचारिक रोजगारों का सृजन किया जाएगा। पिछले तीन वर्षों के दौरान रोजगार सृजन की दिशा में सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का उल्­लेख करते हुए वित्­त मंत्री ने घोषणा की कि सरकार अगले तीन वर्षों में सभी क्षेत्रों के लिए ईपीएफ में नए कर्मचारियों के वेतन का 12 प्रतिशत का योगदान करेगी। 2018-19 में टैक्­सटाइल क्षेत्र में 7148 करोड़ रुपए परिव्­यय का प्रसताव है।
    बुनियादी ढांचा और वितीय क्षेत्र विकास : वित्­त मंत्री ने बुनियादी ढांच के विकास को अर्थव्­यवथा का प्रमुख आधार बताते हुए अनुमान लगाया कि सकल घरेलू उत्­पाद में वद्धि और समूचे देश को एक नेटवर्क में जोड़़ने के लिए 50 लाख करोड़ रुपए की आवश्­यकता है। उन्­होंने 2018-19 में बुनियादी ढांचे पर 5.97 लाख करोड़ रुपए के आबंटन का प्रस्­ताव दिया है। वित्­त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने नियमित तौर पर प्रगति के माध्­यम से बुनियादी क्षेत्र में उपलब्धियों की समीक्षा की है और इसके तहत 9.46 लाख करोड़ रुपए की परियोजनाएं शुरू की जा चुकी हैं। भारतमाला परियोजना के अंतर्गत करीब 35 हजार किलोमीटर सड़क के निर्माण को चरण एक में अनुमति दी जा चुकी है और इसकी अनुमानित लागत 5,35,000 करोड़ रुपए है।
    रेलवे: वर्ष 2018-19 के लिए रेलवे का पूंजीगत व्­यय 1,48,528 करोड़ रुपए रहा है। 2017-18 के दौरान चार हजार किलोमीटर का विद्युत रेलवे नेटवर्क प्रारंभ हो चुका है। मुंबई का स्­थानीय रेल नेटवर्क 11 हजार करोड़ रुपए की लागत से दोहरी लाइनों के साथ 90 किलोमीटर होगा। इसके अलावा 40 हजार करोड़ रुपए की लागत से एक अतिरिक्­त 150 किलोमीटर का उप शहरी नेटवर्क योजानवित किया जा रहा है।
    हवाई परिवहन: एक नवीन पहल नाभ निर्माण के अंतर्गत प्रतिवर्ष एक बिलियन आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए हवाई अड्डा क्षमता में पांच गुणा विस्­तार करने का प्रस्­ताव बजट में दिया गया है। इसके अलावा सरकार ने पिछले वर्ष प्रारंभ की गई उड़ान नामक क्षेत्रीय योजनाओं के अंतर्गत 56 हवाई अड्डों और 31 हैलीपैडों को पुन: जोड़ा जाएगा जिनमें अभी सेवाएं प्रदान नहीं की जा रही है।
    वित्­त: बांड बाजार से कोषों के निर्माण को प्रोत्­साहन देने के लिए वित्­त मंत्री ने नियामकों से निवेश वैद्यता के लिए एए से ए रेटिंग की ओर बढ़़ने की अपील की। उन्­होंने कहा कि सरकार भारत में अंतरराष्­ट्रीय वित्­त सेवा केंद्र में सभी वित्­तीय सेवाओं को नियमित करने के लिए एकीकृत प्राधिकरण की स्­थापना करेगी।
    डिजिटल अर्थव्यवस्था:
    वित्त मंत्री ने कहा कि नीति आयोग कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लिए एक राष्ट्रीय कार्यक्रम की शुरूआत करेगा। विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग रोबोर्टक्सि, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल उत्पादन, डाटा विश्लेषण और इंटरनेट ऑफ थिंग्स के लिए एक मिशन की शुरूआत करेगा। डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के लिए बजट-2018-19 में धन राशि आबंटन को दोगुना करके 3073 करोड़ रुपए किया गया है। 5 करोड़ ग्रामीणों को नेट कनेक्टिविटी से जोड़ने के लिए सरकार 5 लाख वाई-फाई हॉट स्पॉट का निर्माण करेगी। वित्त मंत्री ने इसके लिए 10 हजार करोड़ रुपए की धनराशि का आबंटन किया है।
    रक्षा: वित्त मंत्री ने दो रक्षा औद्योगिक उत्पादन गलियारे के विकास का प्रस्ताव दिया है।
    विनिवेश: वित्त मंत्री ने कहा कि 2017-18 के लिए विनिवेश के लक्ष्य 72500 करोड़ रुपए से बढ़कर एक लाख रुपए होने की संभावना है। उन्होंने 2018-19 के लिए 80 हजार करोड़ रुपए का लक्ष्य निर्धारित किया है। सार्वजनिक क्षेत्र की तीन बीमा कंपनियों- नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, यूनाईटेड इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड और ऑरिएंटल इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड झ्र का विलय करके एक बीमा कंपनी बनाई जाएगी।
    सोने के परिसंपत्ति मूल्य में वृद्धि करने के लिए सरकार एक समेकित स्वर्ण नीति का निर्माण करेगी। देश में स्वर्ण विनिमय को व्यापार और उपभोक्ता अनुकूल बनाने के लिए सरकार एक प्रणाली विकसित करेगी। स्वर्ण मुद्रीकरण योजना को पुनर्जीवित किया जाएगा, ताकि लोग बिना किसी परेशानी के स्वर्ण जमा योजना के खाते खुलवा सकें। बजट में राष्ट्रपति का वेतन 5 लाख रुपए, उपराष्ट्रपति का 4 लाख रुपए और राज्यपाल का 3.5 लाख रुपए प्रति महीने करने का प्रस्ताव किया गया है। महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों के लिए बजट में 150 करोड़ रुपए की राशि आबंटित की गई है।
    वित्तीय प्रबंधन: बजट में परिव्यय का संशोधित अनुमान 2017-18 के लिए 21.57 लाख करोड़ रुपए है, जबकि बजट का आकलन 21.47 लाख करोड़ रुपए का था। वित्त मंत्री ने 2018-19 के लिए बजट घाटे को जीडीपी के 3.3 प्रतिशत रहने का अनुमान व्यक्त किया। संशोधित वित्तीय घाटे का अनुमान वर्ष 2017-18 के लिए 5.95 लाख करोड़ रुपए का है, जो जीडीपी 3.5 प्रतिशत है। प्रत्यक्ष कर प्रस्तावों के अंतर्गत वित्त मंत्री ने कहा कि अर्थव्यवस्था में नकदी के उपयोग को कम करने तथा कर दायरा बढ़ाने से फायदा हुआ है। प्रत्यक्ष करों की वृद्धि दर 2016-17 में 12.6 प्रतिशत और 2017-18 में 18.7 प्रतिशत रही है। कर दाताओं की संख्या जो 2014-15 में 6.47 करोड़ थी, बढ़कर 2016-17 में 8.27 करोड़ हो गई है।
    रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए परिधान उद्योग में धारा 80 जेजेएए के अंतर्गत दी जाने वाली 30 प्रतिशत की कटौती को चमड़े तथा जूते उद्योग में भी लागू किया जाएगा। कॉरपोरेट टैक्स को चरणबद्ध तरीके से कम करने के प्रयास के तहत 250 करोड़ रुपए तक की टर्नओवर वाले कंपनियों को 25 प्रतिशत के कर दायरे में रखा गया है। इससे 99 प्रतिशत सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को लाभ होगा। इससे वित्त वर्ष 2018-19 में 7,000 करोड़ रुपए की राजस्व हानि होगी। आयकर प्रदाताओं के लिए वर्तमान में परिवहन भत्ते तथा अन्य चिकित्सा व्यय की परिपूर्ति के बदले 40,000 रुपए की मानक कटौती का प्रावधान किया गया है। दिव्यांगजनों को बढ़े दर पर मिलने वाला परिवहन भत्ता आगे भी जारी रहेगा। इससे 2.5 करोड़ वेतनभोगियों और पेंशनभोगियों को लाभ होगा।
    वरिष्ठ नागरिकों के लिए रियायत: बैंकों तथा डाकघरों में जमा राशि पर ब्याज आय में छूट 10 हजार रुपए से बढ़ाकर 50 हजार रुपए की गई है तथा आयकर धारा 194ए के तहत स्रोत पर आयकर की कटौती नहीं की जाएगी। यह लाभ सावधि जमा योजनाओं तथा आवर्ती जमा योजनाओं में प्राप्त होने वाले ब्याज के लिए भी उपलब्ध होगा। वित्त मंत्री ने कहा कि धारा 80डी के अंतर्गत स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम या चिकित्सा व्यय हेतु कटौती सीमा को 30 हजार रुपए से बढ़ाकर 50 हजार रुपए कर दिया गया है। अब सभी वरिष्ठ नागरिक किसी स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम या किसी चिकित्सा के संदर्भ में 50 हजार रुपए प्रतिवर्ष तक कटौती के लाभ का दावा कर सकेंगे। वित्त मंत्री ने धारा 80डीडीबी के अंतर्गत गंभीर बीमारी से संदर्भ में चिकित्सा खर्च के लिए कटौती सीमा को वरिष्ठ नागरिकों के मामले में 60 हजार रुपए से और अति वरिष्ठ नागरिकों के मामले में 80 हजार रुपए से बढ़ाकर सभी वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक लाख रुपए का प्रस्ताव किया। इन रियायतों से वरिष्ठ नागरिकों को 4 हजार करोड़ रुपए का अतिरिक्त कर लाभ प्राप्त होगा।
    टैक्स रियायतों के अतिरिक्त वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री वय वंदना योजना को मार्च 2020 तक बढ़ाया गया है। इस योजना के तहत भारतीय जीवन बीमा निगम द्वारा 8 प्रतिशत निश्चित प्रतिलाभ प्रदान किया जाता है। इस योजना के तहत प्रति वरिष्ठ नागरिक 7.5 लाख रुपए की मौजूदा निवेश सीमा को बढ़ाकर 15 लाख रुपए किया जा रहा है। अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केन्द्र (आईएफएससी) में स्थित स्टॉक एक्सचेंज में व्यापार बढ़ाने के उद्देश्य से आईएफएससी के लिए दो अन्य रियायतों का प्रस्ताव है। अनिवासी भारतीयों द्वारा डेरिवेटिव और कुछ प्रतिभूतियों के हस्तांतरण को पूंजीगत लाभ म
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