स्मृति ईरानी दमण-दीव सीट से लड सकती है 2019 का लोकसभा चुनाव - Asli Azadi Hindi News paper of Union territory of daman-diu & Dara nagar haveli Asli Azadi Hindi News paper of Union territory of daman-diu & Dara nagar haveli
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  •         Thursday, June 21, 2018
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  • स्मृति ईरानी दमण-दीव सीट से लड सकती है 2019 का लोकसभा चुनाव
    - देश के विभिन्न राज्यों में भाजपा की जिम्मेदारी निभाने वाली महिला सेनापति - भाजपा पूरे देश में स्मृति ईरानी का स्टार प्रचारक के रुप में शत-प्रतिशत उपयोग करना चाहती है इसीलिए शायद उन्हें छोटे से केन्द्रशासित प्रदेश दमण-दीव से चुनाव लडाकर बाकी का समय प्रचार के लिए उपयोग करना चाहेगी - वर्तमान में स्मृति ईरानी पडोसी राज्य गुजरात से हैं राज्यसभा सांसद - 2014 में उत्तर प्रदेश के अमेठी से कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी को दे चुकी है कडी चुनौती - गुजराती भाषा में अच्छी पकड और महिलाओं में लोकप्रिय होने के चलते भाजपा हाईकमान 2019 में दमण-दीव के रास्ते स्मृति ईरानी को लोकसभा ले जा सकते हैं - 1 मई 2018 के विश्व मजदूर दिवस कार्यक्रम में स्मृति ईरानी के प्रभावी भाषण से कायल हुए थे दमण-दीववासी
    दमण/दिल्ली। हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली से लेकर महाराष्ट्र-गुजरात तक भाजपा हाईकमान द्वारा दी गई हर जिम्मेदारी को चुनौती के रुप में स्वीकार करने वाली भाजपा की महिला सेनापति स्मृति ईरानी इस बार छोटे से केन्द्रशासित प्रदेश दमण-दीव से लोकसभा का चुनाव लड सकती है ऐसा माना जा रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भाजपा हाईकमान गुजरात की वर्तमान राज्यसभा सांसद स्मृति ईरानी को दमण-दीव के रास्ते लोकसभा पहुंचाने की तैयारी में हैं। सूत्र यह भी बताते हैं कि विपक्ष पर आक्रामक तेवर से हमले करने वाली स्मृति ईरानी की गुजराती भाषा पर अच्छी खासी पकड है। दमण-दीव में भी गुजराती भाषा बोलने वालों की तादाद ज्यादा है। साथ ही साथ इस प्रदेश में 40 हजार से ज्यादा परप्रांतिय मतदाता है जो राष्ट्रीय राजनीति एवं राष्ट्रीय नेताओं के चेहरों को देखकर ही वोट डालते हैं। 1 मई 2018 को दाभेल में विश्व मजदूर दिवस कार्यक्रम में केन्द्रीय कपडा मंत्री का आना इसी बात का संकेत था। उस दिन के स्मृति ईरानी के भाषण ने दमण-दीववासियों को मंत्रमुग्ध कर दिया था। स्मृति ईरानी को दमण-दीव से चुनाव मैदान में उतारा जाता है तो कांग्रेस एवं निर्दलियों के लिए यह बडी चुनौती होगी। क्योंकि स्मृति ईरानी एक राष्ट्रीय राजनीति का एक ऐसा चेहरा है जो दमण-दीव के घर-घर में प्रचलित है। जानकारों की माने तो पडोसी राज्य गुजरात से सीधे तालुक रखने वाली स्मृति ईरानी के भारी संख्या में प्रशंसक दमण-दीव में मौजूद है। ऐसे में स्मृति ईरानी को दमण-दीव लोकसभा सीट से चुनाव लडाने के पीछे भाजपा की यह रणनीति हो सकती है कि पिछले 2-3 चुनावों में पहले राउंड में ही दमण-दीव का लोकसभा चुनाव संपन्न हो जाता है। ऐसे में दमण-दीव का चुनाव खत्म होने के बाद स्मृति ईरानी को देश के विभिन्न राज्यों एवं प्रदेशों में स्टार प्रचारक के रुप में शत-प्रतिशत उपयोग किया जा सके। अगर फिर से स्मृति ईरानी को उत्तर प्रदेश की अमेठी सीट पर लडाया जाता है तो उन्हें पूरा वक्त अमेठी में ही गुजारना पडेगा क्योंकि उत्तर प्रदेश में 3 से 4 राउंड में लोकसभा के चुनाव होते हैं। गौरतलब है कि दमण-दीव की सीट वर्तमान सांसद लालू पटेल ने कांग्रेसी दिग्गजों को हराकर भाजपा के पास सुरक्षित रखी हुई है। 2019 में अगर स्मृति ईरानी भाजपा की उम्मीदवार बनती है तो वर्तमान सांसद लालू पटेल की जिम्मेदारी और बढ सकती है। साथ ही साथ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष गोपाल दादा और उनकी टीम की भी जिम्मेदारी पहले से ज्यादा बढ जायेगी।

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