लोकसभा चुनाव इसी वर्ष नवंबर-दिसंबर में: भाजपा डेमेज कंट्रोल में जुटी - Asli Azadi Hindi News paper of Union territory of daman-diu & Dara nagar haveli Asli Azadi Hindi News paper of Union territory of daman-diu & Dara nagar haveli
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  •         Friday, August 17, 2018
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  • लोकसभा चुनाव इसी वर्ष नवंबर-दिसंबर में: भाजपा डेमेज कंट्रोल में जुटी

    - कर्नाटक में भाजपा की जीत होगी तो
    - अप्रैल-मई 2018 में होना है कर्नाटक विधानसभा चुनाव - राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ, मिजोरम के साथ ही नवंबर - दिसंबर 2018 में लोकसभा चुनाव कराने की भाजपा की रणनीति: सूत्र - गुजरात चुनाव में कांग्रेस से मिली कडी टक्कर और राजस्थान के उपचुनाव में मिली हार के बाद भाजपा ने किया आत्ममंथन - देश की एक-एक सीटों पर रणनीति बनाने के लिए महामंत्रियों, प्रभारियों और संगठनमंत्रियों को दिये गये निर्देश - मोदी सरकार की योजनाओं को और ज्यादा जन-जन तक पहुंचाने की आने वाले 6-8 महीने में रहेगी प्राथमिकता - उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्यप्रदेश, बिहार, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, उडीसा, पश्चिम बंगाल जैसे बडे राज्यों के साथ-साथ दमण-दीव तथा दादरा नगर हवेली जैसे क्षेत्रों की एक-एक सीटों वाले प्रदेशों पर भी मोदी और शाह की जोडी बना रही है रणनीति : सूत्र
    दमण। दक्षिण भारत के प्रमुख राज्यों में से एक कर्नाटक में अगर भाजपा की जीत होगी तो लोकसभा का चुनाव अप्रैल-2019 की जगह पर इसी वर्ष नवंबर-दिसंबर में कराये जा सकता है। दिल्ली भाजपा के विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह लोकसभा का चुनाव 5-6 महीने पहले कराने की रणनीति पर मंथन कर रहे हैं। गुजरात चुनाव में कांग्रेस से मिली कडी टक्कर और राजस्थान के उपचुनाव में भाजपा की करारी हार के बाद शीर्ष नेतृत्व ने राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ, मिजोरम के साथ-साथ लोकसभा का चुनाव कराने का मन बनाया है। राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ में इसी वर्ष सिर्फ विधानसभाओं के चुनाव हो जाते हैं तो कांग्रेस की स्थिति मजबूत होने एवं सरकार बनाने के बाद इसका सीधा असर 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव पर पडेगा। 2014 लोकसभा में राजस्थान में सभी सीटों पर भाजपा का परचम लहराया था। मध्यप्रदेशमें 29 में से 27 जबकि छत्तीसगढ में 11 में से 10 सीटों पर भाजपा ने जीत हासिल की थी। 2019 से पहले 2018 के अंत में राजस्थान, छत्तीसगढ, मध्यप्रदेश के साथ लोकसभा का चुनाव भी हो जाता है तो भाजपा को इन राज्यों में मोदी लहर का सीधा फायदा विधानसभा चुनाव में भी मिलेगा। मोदी के नाम पर लोकसभा के साथ-साथ विधानसभा जीतने का फॉर्मूले पर तेजी से काम चल रहा है। सूत्रों की माने तो भारतीय जनता पार्टी ने अपने सभी महामंत्रियों, प्रभारियों और संगठनमंत्रियों को भी शायद यह निर्देश मिल चुके हैं कि देश की एक-एक लोकसभा सीटों पर अपना-अपना ध्यान दें। आने वाले 5-6 महीनों में मोदी सरकार की जनहितैषी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचायें। मोदी और शाह की जोडी ने सिर्फ बडे राज्यों ही नहीं छोटे राज्यों एवं एक-एक सीट वाले केन्द्रशासित प्रदेशों पर भी जीत की रणनीति बनाना शुरु कर दिया है। गौरतलब है कि अप्रैल-मई 2014 में लोकसभा का चुनाव हुआ था। इससे ठीक 5-6 महीने पहले 2013 में राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ सहित के राज्यों में विधानसभा का चुनाव हुआ था। इन राज्यों में भाजपा ने बंपर जीत हासिल कर लोकसभा 2014 का माहौल बना लिया था। लेकिन इस बार स्थिति उलटफेर वाली है। अगर लोकसभा चुनाव से पहले राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ में कांग्रेस की जीत होती है या पहले के मुकाबले गुजरात की तर्ज पर कांग्रेस मजबूत होती है तो 2019 में 272 बहुमत वाला आंकडा भाजपा के लिए प्राप्त करना कठिन ही नहीं असंभव सा हो जायेगा। लेकिन अगर अप्रैल-मई 2018 कर्नाटक चुनाव को भाजपा जीत लेती है तो इसी वर्ष 4 राज्यों के चुनाव के साथ लोकसभा का भी चुनाव कराने का दाव भाजपा खेल सकती है।
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