पान की पिचकारी मारने वालों को वंदे मातरम् कहने का हक नहीं: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी - Asli Azadi Hindi News paper of Union territory of daman-diu & Dara nagar haveli Asli Azadi Hindi News paper of Union territory of daman-diu & Dara nagar haveli
  •  

  • RNI NO - DDHIN/2005/16215 Postal R.No.:VAL/048/2012-14

  • देश-विदेश
  • विचार मंथन
  • दमण - दीव - दानह
  • गुजरात
  • लिसेस्टर
  • लंदन
  • वेम्बली
  • संपर्क

  •         Thursday, November 23, 2017
  • Gallery
  • Browse by Category
  • Videos
  • Archive
  • संपादक : विजय भट्ट सह संपादक : संजय सिंह । सीताराम बिंद
  • पान की पिचकारी मारने वालों को वंदे मातरम् कहने का हक नहीं: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी
    - स्वामी विवेकानंद के ऐतिहासिक भाषण की 125वीं वर्षगांठ पर पीएम मोदी ने विज्ञान भवन में छात्र सम्मेलन को संबोधित किया - विवेकानंद ने जनसेवा को ही प्रभुसेवा कहा: पीएम - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज 11 सितंबर है, विश्व को 2001 से पहले ये पता ही नहीं था कि 9/11 का महत्व क्या है, दोष दुनिया का नहीं था, दोष हमारा था कि हमने ही उसे भुला दिया था और अगर हम ना भुलाते तो 21वीं शताब्दी का 9/11 ना होता - मोदी ने कहा कि उस भाषण से पहले लोगों को लेडीज एंड जेंटलमैन के अलावा कोई शब्द नहीं पता था, ब्रदर्स एंड सिस्टर्स के बाद 2 मिनट तक तालियां बजती रही थीं, उस भाषण से पूरी दुनिया को उन्होंने अपना बना लिया था - बेटियां जहां शौचालय नहीं उस घर में शादी नहीं करती: नरेन्द्र मोदी - जब मैंने कहा, पहले शौचालय फि­र देवालय तो लोगों ने मेरे बाल खींच लिए : पीएम मोदी
    नई दिल्ली (ईएमएस)। आज समाज में बदलाव दिखाने लगा हैं मुझे खुशी है कि देश में ऐसी बेटियां हैं,जो शौचालय नहीं तो शादी नहीं कह रही हैं। यह बात सोमवार को स्वामी विवेकानंद के शिकागो में विश्व धर्म सम्मेलन को संबोधित करने के 125 वर्ष पूरे होने के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कही। पीएम मोदी ने कहा कि विवेकानंद कहते थे जनसेवा ही प्रभुसेवा है, उस समय के समाज की कल्पना कीजिए जब पूजा-पाठ और परंपराओं की समाज में पैठ थी। उस समय में 30 साल का नौजवान यह कह दे कि मंदिर में बैठने से भगवान नहीं मिलने वाला, समाज सेवा करने से भगवान मिलेगा। कितनी साहसिक बात रही होगी। उन्होंने आगे कहा कि विवेकानंद कभी जीवन में गुरु खोजने के लिए नहीं निकले थे, वे सत्य की तलाश में थे। महात्मा गांधी भी जीवन भर सत्य की तलाश में जुटे थे। इसी दौरान बच्चों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने आगे कहा कि क्या हम महिलाओं का सम्मान करते हैं? क्या लड़कियों के प्रति आदर भाव से देखते हैं, जो देखते हैं उन्हें मैं सौ बार नमन करता हूं। वह सिर्फ उपदेश देने वाले नहीं थे,उन्होंने आइडिया को क्रियान्वित भी किया। रामकिशन मिशन का जिस भाव से जन्म हुआ आज इतने सालों बाद भी यह आंदोलन उसी भाव से चल रहा है। पीएम ने कहा कि क्या हम अपने आपको गंगा को गंदा करने से रोक पाते हैं?,क्या विवेकानंद होते तो हमें नहीं डांटते। हम सफाई करें या न करें, लेकिन गंदा करने का हक हमें नहीं है। हम स्वस्थ इसलिए नहीं हैं कि अच्छे अस्पताल और डॉक्टर हैं, हम स्वस्थ इसलिए हैं क्योंकि सफाईकर्मी सफाई कर रहे हैं, इसलिए हमने कहा है कि पहले शौचालय फिर देवालय। पीएम ने मजाकिया अंदाज में कहा कि बहुत लोगों ने इस पर मेरे बाल नोंच लिए। पीएम मोदी ने कहा कि विवेकानंद ने अपनी वाणी से लोगों को अभिभूत कर दिया था, वरना हमारे देश के बारे में कहा जाता था कि यह तो सांप-सपेरों का देश है। एकदशी को क्या खाना है और क्या नहीं खाना। यही सोचा जाता था। विवेकानंद ने बताया कि नहीं हम यह नहीं हैं, यह सिर्फ हमारी व्यवस्था का हिस्सा है, हमारे यहां तो भीख मांगने वाला भी तपो ज्ञान से भरा होता है, वह कहता है जो न दे उसका भी भला, जो दे उसका भी भला। इस अवसर पर संस्कृति और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री डॉ महेश शर्मा और यूथ मामलों और खेल और सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठोड उपस्थित रहे।
    FLICKER
    Download Asliazadi's apple and android apps
    फोटो गैलरी
    वीडियो गैलरी
    POLLS