व्यवसायिक के बजाय अंतरआत्मा की सुन स्वाभाविक शिक्षक बने दानह के शिक्षक : प्रशासक प्रफुल पटेल - Asli Azadi Hindi News paper of Union territory of daman-diu & Dara nagar haveli Asli Azadi Hindi News paper of Union territory of daman-diu & Dara nagar haveli
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  •         Thursday, November 23, 2017
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  • व्यवसायिक के बजाय अंतरआत्मा की सुन स्वाभाविक शिक्षक बने दानह के शिक्षक : प्रशासक प्रफुल पटेल
    - भारत के पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन को याद करते हुए दानह में आयोजित हुआ शिक्षक दिवस पर विहंगम कार्यक्रम
    - दादरा नगर हवेली में बदलाव के लिए व्यक्तित्व और चरित्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं शिक्षक : प्रशासक - हर एक व्यक्ति के जीवन प्रगति में शिक्षक की भूमिका अकल्पनीय : एस. एस. यादव - प्रशासक प्रफुल पटेल ने शिक्षकों को दादरा नगर हवेली के विज्ञान संकाय को गुजरात राज्य के टॉप टेन लिस्ट में लाने का दिलाया संकल्प - दादरा नगर हवेली में आजादी के बाद शिक्षा की ज्योति जलाने वाले 7 शिक्षकों को प्रशासक ने किया सम्मानित - प्रशासक प्रफुल पटेल ने तय कार्यक्रम को बदलवाते हुए मुख्य अतिथि के बजाय सेवानिवृत्त शिक्षकों से कराया कार्यक्रम का शुभारंभ - संघ प्रदेशों की शिक्षा सचिव पूजा जैन द्वारा गुजराती में दिये स्वागत उद्बोधन से प्रशासक सहित सभी ने तालियां बजाकर की सराहना
    असली आजादी ब्यूरो, सिलवासा 5 सितंबर। संघ प्रदेश दादरा नगर हवेली में आज देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन एवं शिक्षक दिवस पर दमणगंगा वेली रिसोर्ट के सभागार में दादरा नगर हवेली प्रशासन के शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षकों के सम्मान में एक विहंगम कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित प्रशासक प्रफुल पटेल का शिक्षक के प्रति सम्मान सार्वजनिक रुप से देखने को मिला, जब कार्यक्रम में भारी बदलाव कराते हुए प्रशासक ने शिक्षक दिवस कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदेश के सेवानिवृत्त तथा राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षकों से कराया। इसी कार्यक्रम में शिक्षकों को संबोधित करते हुए प्रशासक प्रफुल पटेल ने कहा कि शिक्षक व्यक्तित्व एवं चरित्र निर्माण में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाकर एक बडे उत्तम राष्ट्र के निर्माण में अपना अमूल्य सहयोग दे सकता है। लेकिन इसके लिए शिक्षकों को व्यवसायिक शिक्षक के बजाय स्वभाविक शिक्षक बनना होगा और उसे छठा वेतन आयोग, सातवां वेतन आयोग पे और डीए जैसी चीजों से बाहर निकल कर केवल और केवल शिक्षण कार्य पर आपने आप को केन्द्रित करना होगा। प्रशासक प्रफुल पटेल ने कहा कि किसी भी समाज अथवा देश के निर्माण में शिक्षक की अपार भूमिका होती है और यह सदियों से होता चला आ रहा है, बदलाव की नींव शिक्षक ही रखते है। उन्होंने कहा कि आज दादरा नगर हवेली में प्राथमिक, सेकेंडरी और हायर सेकेंडरी को मिलाकर 60,000 बच्चों का भविष्य शिक्षकों के हाथों में है। इन्ही बच्चों के व्यक्तित्व, चरित्र एवं कृतित्व का विकास कर पूरे दादरा नगर हवेली की तस्वीर को बदला जा सकता है। क्योंकि कोई भी अभिभावक अपने बच्चे को जब स्कूल में छोड कर जाता है तो वह यह कभी नहीं सोचता है कि उसका बच्चा चोर, डाकू अथवा बुटलेगर बने। सभी चाहते है कि हमारा बच्चा डॉक्टर इंजीनियर, सरकारी अधिकारी बने। अब यह पहचाने का काम शिक्षकों का है कि वह अपनी शैक्षणिक विधि से यह पहचाने कि कौन से बच्चे में किस तरह की क्षमता है और उसको उसी हिसाब से शिक्षित करे। क्योंकि सभी बच्चों में अलग-अलग क्षमताएं होती है और उसको निखारने का काम शिक्षक का ही होता है। प्रशासक ने कहा कि वे सदैव शिक्षकों का बहुत सम्मान करते है क्योंकि वे आज जहां भी है शिक्षकों के कारण ही है। प्रशासक ने कहा कि शिक्षक अपनी क्षमताओं को पहचाने और उत्तम एवं चरित्रवान देश के निर्माण में अपनी भूमिका को सुनिश्चित करे। प्रशासक ने कहा कि यह कितने शर्म का विषय है कि मैं जहां का प्रशासक हूँ वहां का परीक्षा परिणाम सूची की आखिरी लाइन में रहता है। इसलिए इस शिक्षक दिवस पर हम सभी को संकलप्ति होना पडेगा कि आने वाले वर्षो में दादरा नगर हवेली को टॉप टेन की सूची में लायेंगे। प्रशासक ने इस अवसर पर दादरा नगर हवेली की आजादी के बाद प्रदेश में शिक्षा की ज्योति जलाने वाले तथा राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित वरिष्ठ शिक्षक विजयकांत वी. शुक्ल, सी. जी. गोहिल, भगवान सिंह बी. सोलंकी, आर. यू. गज्जरमल, ठाकोरभाई एन. देसाई, वी. पी. अहिर, नवीनभाई एस. नायक को शॉल ओढाकर एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। वहीं इस अवसर पर अतिथि विशेष के रुप में उपस्थित संघ प्रदेश प्रशासक के सलाहकार एस. एस. यादव ने कहा कि शिक्षक के महत्व का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आज वे जहां खडे है वे शिक्षकों के कारण ही खडे है। उन्होंने कहा कि वे सदैव एक शिक्षक बनाना चाहते थे क्योंकि उनकी नजर में शिक्षण कार्य जैसा दूसरा महान काम नहीं होता है। एस. एस. यादव ने कहा कि भारतीय प्रशासनिक सेवा में रहकर भी वे एक शिक्षक बनने की कोशिशों के जारे रखे है और इसके लिए वे पीएचडी कर रहे है। इस सेवा के बाद वे अवश्य एक शिक्षक बनेगे। क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में एक शिक्षक की भूमिका अकल्पनीय होती है। शिक्षा सचिव द्वारा स्वागत प्रवचन एवं भारत के राष्ट्रपति द्वारा शिक्षक दिवस के अवसर पर दिये गए शुभकामना संदेश का वाचन किया गया। शिक्षक दिवस पर आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में केन्द्रशासित प्रदेश दमण-दीव एवं दादरा नगर हवेली प्रशासक प्रफुल पटेल के अलावा सलाहकार एस. एस. यादव, डीआईजी ब्रजेश कुमार सिंह, दानह जिला पंचायत अध्यक्ष रमण काकवा, जिला अधिकारी गौरव सिंह राजावत, शिक्षा सचिव पूजा जैन, दानह जिला पंचायत के उपाध्यक्ष महेश गावित शिक्षा निदेशक सौरभ शाश्वत, दानह एसपी शरद भास्कर दराडे, उपजिला अधिकारी सौम्या, एस. कृष्णा चैतन्य, राकेश कुमार, दानह जिला पंचायत सीईओ देबेन्द्र दलाई, सिलवासा नगरपालिका सीओ मोहित मिश्रा सहित कई पंचायतों के सरपंच एवं जिला पंचायत सदस्य प्रमुख रुप से उपस्थित रहे।

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